इंसान का जन्म कैसे हुआ, इस सवाल का जवाब जानने के रुचि हर इंसान रखता है। इंसान की उत्पत्ति को लेकर वैसे तो धार्मिक और बिज्ञान में मतभेद मौजूद है। पर आज हम जानेंगे इंसान की जन्म को लेकर बिज्ञान क्या कहता है।
इंसान का जन्म कैसे हुआ
इंसान का जन्म कैसे हुआ, इसे लेकर बहुत से शोध किए गए और आखिर में हमारे वैज्ञानिक एक संभावना तक पहुंचे। इस संभावना के मुताबिक पृथ्बी से डायनासोर के अंत के बाद धीरे धीरे जानवर इन्सानो में विकशित हुआ है। जिसमे हमारे प्रकृति का एक अमूल्य योगदान दिखाया जाता है।
डायनासोर का अंत और इंसानों का जन्म
आज से करीब 6 करोड़ 50 साल पहले पृथ्वी पर राज करने वाला दैत्याकार और विशाल डायनासोर का अंत हुआ था महाप्रलय की वजह से, और तब चूहे जैसे कुछ स्तनधारी और छोटे जीव बच गए थे।
डायनासोर के अंत के कुछ लाख साल बाद, जब धरती फिर से सामान्य हो गई, तब जो स्तनधारी जीब बच गए थे, वह धीरे धीरे विकशित हो रहे थे। और यह आकार में बड़े हो रहे थे। और इसके साथ-साथ कुछ नए प्रजातियां भी पृथ्वी पर नजर आने लगे, जिनमें से कुछ शाकाहारी और कुछ मांसाहारी थे।
इसके बाद और कुछ लाख साल बाद, विकसित होते होते एक नई प्रजाति सामने आयी, जो थी apes यानी बंदर जैसे दिखने वाले जानवर। यह apes पहले पेड़ के ऊपर रहते थे ओर चार हाथों का इस्तेमाल करते थे।
लेकिन जैसे जैसे समय बिता, इनके अंदर बदलाव आना चालू हो गया। सबसे पहले यह पेड़ के नीचे आकर ज़मीन पर ज़िंदगी बिताना शुरू किया, उसके बाद चलने के दो पैर का इस्तेमाल करना शुरू किया। इसके साथ साथ उनका दिमाग भी विकशित होने लगा, जिससे सोचने और समझने की शक्ति भी विकशित हुआ।
लेकिन सभी apes इंसान में परिवर्तित नहीं हुआ था, कुछ apes चिंपांजी में परिवर्तित हुआ, कुछ apes गोरिल्ला में परिवर्तित हुआ और कुछ apes इंसानों में परिवर्तित हुआ था।
इसी तरह विकास की प्रक्रिया चलती रही, और लाखों सालों बाद ऐसे ही विकशित होते होते वह apes धीरे धीरे आज के इंसान जैसा दिखता है, वैसे ही दिखने लगे थे, और इसी तरह समय के साथ हम इंसान एक नयी प्रजाति के रूप में दुनिया मे सामने आए थे।
उपसंहार
यह थे वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिससे हमें पता चलता है, पृथ्वी पर इंसान का जन्म कैसे हुआ था। यह दृष्टिकोण हमें बताता है कि कैसे हमारे पूर्वज करोड़ों सालों तक विकसित होते रहे, उसके बाद जाकर हम आज वर्तमान में जो है वैसे बन पाए है।

