बर्तमान समय मे great white shark समंदर में रहने वाली सबसे बड़ी शार्क मछली है, इनकी लंबाई क़रीब 15 से 20 फ़ीट तक होती है।
लेकिन आज से 26 लाख साल पहले तक इस पृथ्बी की समंदर में, एक बिशाल, दैत्याकार मछली हुआ करता था, जो आज के great white shark से भी 10 गुना ज्यादा बड़ा था, और इस मछली को हम megalodon के नाम से जानते है।
Megalodon
Megalodon वर्तमान समय में एक विलुप्त प्रजाति का शार्क है, जिसे सबसे बड़ी शार्क माना जाता है, साथ ही सबसे बड़ी मछली भी, जो कभी पृथ्वी की समंदर में रहती थी। और यह शब्द मेगालोडन, ग्रीक शब्द से आया है, जिसका अर्थ है "विशाल दांत"।
अंटार्कटिका को छोड़कर हर महाद्वीप के पास मेगालोडन के जीवाश्म पाए गए हैं। मेगालोडन पृथ्बी में पाए जाने वाला अब तक की सबसे बड़ी शार्क मछली है।
Megalodon के जीवाश्म
विशेषज्ञों को आज तक मेगालोडन के कई जीवाश्म मिले है, जो साबित करता है की, कभी कोई ऐसा जीब भी पृथ्वी की पानी मे रहता था।
विशेषज्ञों ने जब पाए जाने वाले megalodon के जीवाश्म की जांच करना शुरू किया, तो उन्होंने पाया आज की great white sharks और megalodon की दांत की आकार में बहुत से समानताएं है, जिससे पता चलता है कि यह दो प्रजातियां एक दूसरे के करीबी रिश्तेदार है।
मेगालोडन की जीवाश्म में पाए जाने वाला सबसे बड़े दांत की लंबाई है 17.8 सेमी (6.9 इंच), जो बर्तमान समय की great white shark (जो आमतौर पर लगभग 5.4 सेमी यानी 2.1 इंच लंबी होती है) की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक लंबा है। और इसका काटने का व्यास 3 मीटर (लगभग 9.8 फीट) था।
Megalodon की लंबाई
शोध के मुताबिक एक परिपक्व वयस्क मेगालोडन की औसत लंबाई 10.2 मीटर (लगभग 33.5 फीट) थी, लेकिन कुछ जीवाश्म के मुताबिक इनकी लंबाई 17.9 मीटर (58.7 फीट) लंबा था। लेकिन एक मादा मेगालोडन नर मेगालोडन से दोगुनी बड़ी हो सकती है।
हालांकि, कुछ वैज्ञानिकों का मानना है, की यह मछलियां 25 मीटर (82 फीट) तक लंबा हो सकती है।
Megalodon की वजन
शोध के मुताबिक अनुमान लगाया गया है कि एक वयस्क मेगालोडन का वजन लगभग 30 मीट्रिक टन (लगभग 66,000 पाउंड) से लेकर 65 मीट्रिक टन (लगभग 143,000 पाउंड) तक होता है, और एक मादा मेगालोडन की वजन इससे भी ज़्यादा होता है।
मेगालोडन क्या खाता था
शोध के मुताबिक मेगालोडन का आकार बहुत बड़ा होने की वजह से उसे बहुत सारा खाने की भी जरूरत पड़ती थी, माना जाता है मेगालोडन समंदर में रहने वाली व्हेल, अन्य शार्क, डॉल्फ़िन समेत अन्य बड़े मछलियों को अपना भोजन बनाता था।
मेगालोडोन कहाँ रहते थे
बिशाल डायनासोर की तरह, मेगालोडन को भी गर्मी पसंद थी। और अपने समय के दौरान, यह गर्म, उथले समुद्रों में शिकार करता था। शायद इसीलिए अंटार्कटिका को छोड़कर हर महाद्वीप पर मेगालोडन की दांत पाए गए हैं।
मेगालोडोन कैसे बिलुप्त हुआ
आज से क़रीब 26 लाख साल पहले मेगालोडन बिलुप्त हो गयी थी, लेकिन यह कैसे बिलुप्त हुआ इसे लेकर मतभेद मौजूद है, पर सही कारण किसी को भी पता नहीं चला है।
मेगालोडन के विलुप्ति को लेकर एक सिद्धांत यह कहता है कि जैसे-जैसे पृथ्वी में जलवायु परिवर्तन और समय बीतता गया वैसे वैसे समुद्र में नए-नए जीव जंतु और नई नई मछलियां जन्म लेने लगी, और यही वह समय है जब great white shark ने जन्म लिया था।
मेगालोडन के विलुप्ति को लेकर ज़्यादातर ग्रेट वाइट शार्क को दोषी बनाया जाता है। बताया जाता है उस समय great white shark की जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ रही थी जो समुद्र की ज्यादातर मछलियों को अपना भोजन बना रहता है जिसके चलते समुद्र में मेगालोडन के लिए खाने की कमी आ रही थी, क्योंकि great white shark के मुकाबले मेगालोडन को ज़्यादा खाना चाहिए था जो उसे नहीं मिल रहा था।
इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन की वजह से समुद्र की ज्यादातर हिस्सा ठंडा होने लगी और ज्यादातर मछलियां समुद्र की ठंडी हिस्से रहने लगी, लेकिन मेगालोडन को जिंदा रहने के लिए समुद्र की उष्ण इलाका में रहना पड़ता था जिसके चलते उन इलाकों में खाने की कमी आई, और इसी वजह से मेगालोडन धीरे-धीरे विलुप्त हो गए।
डिस्कवरी के अनुसार, जब ये समुद्र सूख गए, हिमयुग शुरू हो गया उस समय मेगालोडन विलुप्त हो गया होगा। शार्क या तो भूखी थी या विलुप्त होने के कगार पर थी।
कुछ लोगो का मानना है, यह शार्क मछली कुछ ही सालो तक समुद्र में राज़ किया था, लेकिन यह सच नही है क्योंकि मेगालोडन क़रीब 28 लाख साल तक समुद्र में राज़ किया था।
क्या मेगालोडन अभी भी जिंदा है
हम सब जानते है, इन्सानो ने अभी तक समंदर की सिर्फ 5 प्रतिशत ही दुनिया के सामने उजागर किया है, और बाकी के 95 प्रतिशत हिस्से में क्या है, यह अब तक हम नही जान पाए है।
इसी के चलते बहुत से लोग मानते है कि, समंदर के उस 95 प्रतिशत हिस्से में शायद ऐसे ऐसे जीब है जो हमे चौका सकता है, और शायद उसमे मेगालोडन भी जिंदा हो सकता है।

