मगरमच्छ की कहानियां सब ने सुना है जिनमे वह कितने खतरनाक है यह हमें बताया जाता है, लेकिन केरल में एक ऐसा मगरमच्छ मौजूद है जो शाकाहारी भोजन करता है, इसे लोग vegetarian crocodile भी कहते है।
vegetarian crocodile
कहाँ से आया यह vegetarian crocodile
जब आश्रम में रह रहे पुजारियों को पूछा गया कि मगरमच्छ कैसे और कहां से आया तब उन्होंने बताया कि यह कोई नहीं जानता यह मगरमच्छ कैसे और कहां से आया है पर यह 70 साल से अधिक समय से इस मंदिर की तालाब में रह रहा है, और यह मगरमच्छ कभी कभी मंदिर परिसर में भी घूमता है, लेकिन कभी किसी को चोट नही पहुंचाया।
इसके अलाबा इसे लेकर और एक रहस्य मौजूद है, की झील में हमेशा एक ही मगरमच्छ होता है। और एक मगरमच्छ की मृत्यु हो जाती है तो दूसरा रहस्यमय तरीके से सामने आता है और मंदिर की रखवाली का काम करता है। आज तक, कोई नहीं जानता कि झील में प्रत्येक नया मगरमच्छ कैसे प्रकट हो जाता है।
इस रहस्य को लेकर एक कहानी भी मौजूद है, बताया जाता है एक बार एक ब्रिटिश सैनिक ने झील में मौजूद मगरमच्छ को मार डाला था लेकिन कुछ ही समय में मंदिर में रहस्यमई तरीके से एक नया मगरमच्छ देखा गया। और उसके कुछ दिनों बाद उस ब्रिटिश सैनिक की सांप काटने से मृत्यु हो गई, जिसे लेकर लोगों का कहना है की नाग देवता ने उसे उसके गलत काम के लिए दंड दिया था।
लोककथा
Babiya को लेकर स्थानीय लोगो में लोककथा भी प्रचलित है, लोककथा के अनुसार भगवान विष्णु के एक भक्त, श्री विल्वमंगलथु स्वामी, भगवान से कृपा प्राप्त करने के लिए ध्यान कर रहे थे, और तब भगवान कृष्ण ने एक छोटे लड़के का अवतार लेकर ऋषि को परेशान करना शुरू कर दिया, जिससे नाराज़ होकर श्री विलवमंगलथु स्वामी ने उन्हें धक्का दे दिया और वह छोटा सा लड़का मंदिर की मैदान में स्थित गुफा में गायब हो गया। तब से माना जाता है यह मगरमच्छ गुफा के प्रवेश द्वार के साथ-साथ मंदिर का भी रक्षा करता है।

