गंगा नदी हमेशा से हिंदू धर्म में एक पवित्र नदी माना जाता। हिंदू धर्म से जुड़े लोग मानते हैं इस नदी पर नहाने से अपने सारे पाप धुल जाते हैं, और लोग गंगा के जल को भी पवित्र मानते हैं। आज हम यहीं जानेंगे क्या गंगा नदी का पानी सच में पवित्र है।
Ganga नदी
गंगा नदी हिंदुओं के लिए सबसे पवित्र नदी है। इसे हिंदू धर्म में देवी गंगा के रूप में पूजा जाता है। 2,525 किमी (1,569 मील) लंबी यह नदी भारतीय राज्य उत्तराखंड में पश्चिमी हिमालय से बांग्लादेश तक बहती है। यह नदी पृथ्वी की तीसरी सबसे बड़ी नदी है।
गंगा नदी भारत से शुरू होकर बांग्लादेश तक बहती है। 2,525 किमी (1,569 मील) लंबी यह नदी भारतीय राज्य उत्तराखंड में पश्चिमी हिमालय में उगती है, और दक्षिण और पूर्व में उत्तर भारत के गंगा के मैदान के माध्यम से बांग्लादेश में बहती है।
Ganga जल की पबित्रता
गंगा जल की पबित्रता को लेकर लखनऊ के नेशनल बोटैनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट एनबीआरआई के निदेशक डॉक्टर चंद्र शेखर नौटियाल ने ऋषिकेश और गंगोत्री के गंगा जल में एक परीक्षण किया था, जहाँ प्रदूषण ना के बराबर है, और इसी परीक्षण में सामने आया गंगा जल में ई कोलाई बैक्टीरिया को मारने की क्षमता मौजूद है। लेकिन गंगा जल को गर्म करने से इसकी प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाता है।
गंगा जल को लेकर वैज्ञानिक कहते हैं कि गंगा के पानी में बैक्टीरिया को खाने वाले बैक्टीरियोफ़ाज वायरस होते हैं। जो बैक्टीरिया की तादाद बढ़ते ही सक्रिय होते हैं और बैक्टीरिया को मारने के बाद फिर से छुप जाते हैं।
अगर बात करें कि गंगा की पानी मे ऐसी क्षमता कहाँ से आता है, तो इसे लेकर डॉक्टर नौटियाल का कहते है कि गंगा जल में यह शक्ति गंगोत्री और हिमालय से आती है।

