साल 2007 में साइबेरिया में एक असामान्य घटना घटा 31 जनवरी 2007 से अचानक साइबेरिया समेत उसके आसपास के इलाके में नारंगी (Orange) रंग का बर्फ गिरने लगी जिसे देखकर लोग चौक गए।
इसके बाद जब नारंगी बर्फ की वैज्ञानिक जांच की गई तब पता चला वह बर्फ तैलीय थी, और इसमें लोहे के सामान्य स्तर के चार गुना होने की सूचना दी हालांकि ज्यादातर बर्फ लाल और पीले रंग की थी।
नारंगी (Orange) बर्फ क्यों गिरा
नारंगी बर्फ गिरने के कारण को लेकर मूल रूप से अनुमान लगाया गया था की यह औद्योगिक प्रदूषण या फिर रॉकेट प्रक्षेपण या फिर परमाणु दुर्घटना के कारण हुआ था, लेकिन अगर यह सब वजह होती तो बर्फ विषाक्त होता लेकिन जांच में पाया गया गिरने वाली बर्फ विषाक्त नहीं था इसलिए इन कारणों को बाद में नाकार दिया गया।
कुछ दिनों बाद इस लेकर और एक अनुमान लगाया गया की यह नारंगी बर्फ पड़ोसी देश कजाकिस्तान में भारी रेतीले तूफान के कारण या फिर कजाकिस्तान से रॉकेट लॉन्च करने के कारण हुआ होगा, लेकिन जांच के बाद इन कारणों को भी खारिज कर दिया गया।
अभी तक यह स्पष्ट नही हुआ है कि यह नारंगी बर्फ गिरने की क्या वजह थी।

