Black Hole क्या है
Black Hole अंतरिक्ष का एक ऐसा इलाका है जहां पर गुरुत्वाकर्षण बल इतना मजबूत है कि कोई भी कण, यहां तक कि प्रकाश भी इससे बच नहीं सकता है, ब्लैक होल अपने क़रीब आने वाले हर चीज़ को अपने अंदर समा लेता है।
Black Hole कैसे बनते है
कोई भी चीज़ ब्लैक होल बन सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर हमने पृथ्बी को एक मटर के दाने जितना छोटा कर दे तो वह भी ब्लैक होल बन जाएगी, क्योंकि किसी भी चीज़ की घनत्व जितनी ज्यादा होगी उसकी गुरुत्वाकर्षण बल उतना ही ज़्यादा होगा।
और ऐसे ही होता है जब कोई बोहोत बड़ा तारा अपनी जीवन चक्र के अंत में ढह जाता है जिसे हम supernova कहते है। तब वह तारा घटते घटते इतना छोटा हो जाता है कि उसका घनत्व और गुरुत्वाकर्षण बल बढ़ने लगता है जिसके चलते उसके अंदर से प्रकाश भी नही गुज़र पता है।
ब्लैक होल बनने के बाद वह तारा अपने गुरुत्वाकर्षण बल की प्रयोग से अपने आसपास मौजूद अन्य सितारों और बाकी छोटे छोटे ब्लैक होल्स को अपनी और आकर्षित करके अपने अंदर समा लेता है। और ऐसे करते करते वह ब्लैक होल एकदिन Supermassive Black Hole का रूप धारण कर लेता है, जिससे उस ब्लैक होल की ताकत भी बढ़ जाता है।
Black Hole के अंदर क्या है
Black Hole के अंदर क्या है इसका बैज्ञानिक प्रमाण अभी तक नही मिला है, लेकिन बैज्ञानिकों ने बोहोत से सम्भावनायों को होने का जिक्र किया है, पर किसी के पास भी प्रामाणिक जवाब मौजूद नही है।
कुछ लोगो के हिसाब से ब्लैक होल में जाने वाले हर चीज किसी दूसरे आयाम में निकलता है, और कुछ लोगों का मानना है कि ब्लैक होल के अंदर जाने वाला हर चीज छोटे-छोटे टुकड़ों में वहीं पर रह जाता है।
Black Hole में गिरने से क्या होगा
जब कोई बस्तु या इंसान ब्लैक होल में गिर जाता है, तो ब्लैक होल मौजूद गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से उस इंसान की शरीर किसी रब्बर की तरह खिंचता चला जायेगा, और जैसे जैसे वह और अंदर जाएगा यह खिंचाव बढ़ता ही जायेगा और एक समय के बाद उसकी शरीर के चिथड़े उड़ जाएगा।
ब्लैक होल के जितने पास जाएंगे समय आपके लिए गायब होने लगेगा, और ब्लैक होल के अंदर समय का कोई अस्तित्व ही नहीं रहेगा। ब्लैक होल में जाने के बाद ज़िंदा लौट पाना आपके लिए नामुमकिन है।
Black Hole का प्रकार
ब्लैक होल चार प्रकार के होते हैं stellar black hole, intermediate black hole, supermassive black hole, और miniature hole।
ब्लैक होल विभिन्न आकारों में पाए जाते है, यह बोहोत ज़्यादा छोटा भी हो सकता है और बोहोत ज़्यादा बड़ा भी हो सकता है, इसकी कोई सीमा नही है। आकार और द्रव्यमान के हिसाब से ही पता लगाया जाता है कि वह ब्लैक होल किस प्रकार का है।
उपसंहार
ब्लैक होल से जुड़े सभी जानकारी अभी तक बिज्ञान के पास भी मौजूद नही है, और ब्लैक होल के रहस्य अभी तक रहस्य बना हुआ है।

