NASA क्या है
NASA (National Aeronautics and Space Administration) अमेरिकी सरकार का एक स्वतंत्र एजेंसी है जो बिज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े कामो के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
NASA अपने बिज्ञान मिशन के जरिये हमारे सौर मंडल, पृथ्बी और उसके बाहर क्या क्या है इसे समझने की कोशिश करता है, पृथ्बी के बाहर जीबन ढूंढता है, अंतरिक्ष मे यात्रा करता है, इसके साथ साथ भौतिकी बिषय पर भी शोध करता रहता है।
NASA का इतिहास
29 जुलाई, 1958 को NASA का स्थापना हुआ था। 4 अक्टूबर, 1957 को सोवियत अंतरिक्ष कार्यक्रम द्वारा दुनिया के पहले कृत्रिम उपग्रह (स्पुतनिक 1) के प्रक्षेपण के बाद, अमेरिका चिंता में पड़ गया। क्योंकि अमेरिका और सोवियत जो अब रूस है, यह दोनों हमेशा एक दूसरे स आगे निकलना चाहते है।
इसी वजह से अमेरिका भी बैज्ञानिक अनुसंधान के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी बनाने की बात सोचा। और साल 1958 को अमेरिका ने NASA का गठन कर लिया।
29 जुलाई, 1958 को, Eisenhower ने नासा की स्थापना करते हुए राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष अधिनियम पर हस्ताक्षर किया और 1 अक्टूबर, 1958 को इसका संचालन शुरू हुआ था। उस समय नासा में 8,000 कर्मचारी थे, और सालाना बजट था US$100 million।
NASA का उद्देश्य
नासा का उद्देश्य है पूरे सौर मंडल में मानवीय गतिविधियों को बढ़ाना साथ ही पृथ्वी और ब्रह्मांड की वैज्ञानिक समझ को विस्तार करके अंतरिक्ष को पूरी तरह से समझना है।
इसके अलावा नासा ऐसा यान बनाना चाहता है जिससे मानबजाति अंतरिक्ष मे घूम सके, जो नासा ने बर्तमान समय मे बना चुका है।
नासा के अन्य उद्देश्य में से एक गुरुत्वपूर्ण उद्देश्य है पृथ्बी के अलाबा रहने लायक दूसरे ग्रहों जैसे मंगल ग्रह में इंसानी सभ्यता का विस्तार करना है।

