रूस में मौजूद है पृथ्बी की सबसे गहरा मानव निर्मित गड्ढा kola superdeep borehole, जिसे नरक का दरवाजा भी कहते है।
Kola Superdeep Borehole
रूस ने एक बैज्ञानिक अध्ययन के लिए 24 मई 1970 को धरती का सबसे गहरा गड्ढा खोदना चालू किया था, जिसकी गहराई है 40,230 फीट (12.2 किमी)। वह देखना चाहते थे धरती के अंदर क्या है, इसी गड्ढे को kola superdeep borehole कहते हैं।
Kola Superdeep Borehole Inside
kola superdeep borehole को जब खोदना चालू किया तब 7 km की गहराई में पानी मिला, और जैसे जैसे गड्ढा खोदा गया उनमे माइक्रोबस भी मिले, यानी धरती के नीचे भी जीबन मौजूद है। इसके साथ हाइड्रोजन गैस, नाइट्रोजन, हिलियम, कार्बन डाइऑक्साइड जैसे कई अन्य गैस मिले।
लेकिन साल 1995 में आधिकारिक रूप से kola superdeep borehole की परियोजना को बंद कर दिया क्योंकि गड्ढे की तापमान बैज्ञानिकों अनुमान 100 डिग्री सेल्सियस के बजाय 180 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिस वजह से घनत्व अधिक से ज्यादा बढ़ गया था।
पर इसके पीछे और एक कहानी बताया जाता है, कहते है जब गहराई 12 km तक पहुंच गयी तब एक माइक्रोफ़ोन नीचे भेजा गया, और उस माइक्रोफ़ोन में ऐसी ऐसी आवाजें सुनाई दिया कि वह लोग चौक गए। यह आवाजें बिल्कुल किसी इंसान की चीखने की आवाज जैसी थी। जैसे कोई इंसान तड़प रहा है।
कुछ लोगो का मानना है kola superdeep borehole के अंदर यह अजीब अजीब आवाजें नरक में मौजूद आत्माओं की थी, जिसे सुनकर इस परियोजना को और आगे ना बढ़ाकर वहीं बंद कर दिया गया। और इसी लिए इसका प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया है।

