श्रीमद भगबत गीता को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र ग्रंथ माना जाता है, लेकिन जब सवाल भगबत गीता के रचयिता को लेकर उठते हैं तो किसी का भी नाम सामने नही आता है।
क्या है भगबत गीता
द्वापर युग में पांडवों और कौरवों के बीच धर्म युद्ध की शुरुआत होती है जिसे महाभारत कहा जाता हैं, इस युद्ध मे भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण सारथी बनकर अर्जुन का साथ देते हैं। पर युद्ध की शुरुआत में अर्जुन परेशान हो जाता है और युद्ध का मैदान छोड़ने के बारे में सोचता है क्योंकि उसे अपने ही रिश्तेदार, दोस्त और शिक्षक के खिलाफ युद्ध लड़ना है।
दुविधा में फंसा हुआ अर्जुन निराश होने लगता है और मन मे कई सवाल उठने लगता है, उस समय अर्जुन श्री कृष्णा से अपने सारे सवाल पूछता है जिसके उत्तर में श्री कृष्ण अपने बिराट रूप लेकर अर्जुन के सारे सवालों के जवाब देते है। अर्जुन और श्री कृष्ण के बीच हुई इसी संबाद को श्रीमद भगबत गीता कहा जाता है।
भगवत गीता का रचयिता कौन है
श्रीमद भगबत गीता के रचयिता को लेकर कई सवाल उठते रहते है जिसे लेकर लोगो मे अलग अलग मतभेद देखा जाता है। कुछ लोगो के अनुसार, भगबत गीता महाभारत का ही एक हिस्सा है और इसे महर्षि बेदब्यास ने भगवान गणेश को सुनाई थी ओर भगवान गणेश ने अपने शरीर का एक अंग तोड़कर महाभारत के साथ भगबत गीता को लिखा था।
वहीं आधुनिक दौर के एशियाई दर्शनशास्त्र के विद्वान Alexus McLeod के अनुसार, "भगवद गीता को एक लेखक से जोड़ना असंभव है", और यह कई लेखकों का काम हो सकता है।
उपसंहार
प्राचीन काल से आधुनिक काल तक कई लोगो ने श्रीमद भगबत गीता को अनुबाद किया है लेकिन भगबत गीता का असल रचयिता कौन है यह पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है, पर ज्यादातर लोग इसका श्रेय महर्षि वेदव्यास और भगवान गणेश को ही देते हैं।

